ठोस द्रव और गैस में अंतर | Difference between Solid Liquid and Gas

ठोस द्रव और गैस में अंतर | difference between solid liquid and gas


ठोस द्रव और गैस में अंतर, difference between solid liquid and gas, thos drav aur gas mein antar, difference between solid liquid and gas, solid liquid gas difference


क्या आपने कभी सोचा है कि जिस लोहे की मेज पर आप बैठते हैं और जिस हवा में आप सांस लेते हैं, उनके बीच का वैज्ञानिक अंतर क्या है? विज्ञान की भाषा में इन्हें 'ठोस' (Solid) और 'गैस' (Gas) कहा जाता है। आज के इस आर्टिकल में हम ठोस और गैस के बीच के मुख्य अंतरों को बहुत ही आसान भाषा में समझेंगे ताकि पदार्थ (Matter) की इन दो अवस्थाओं को लेकर आपके मन में कोई भी सवाल न रहे।

ठोस द्रव और गैस में अंतर - 


गुण

ठोस 

द्रव

गैस 

आकार 

ठोसों का आकार निश्चित होता है वा स्थित आकृति बनाए रखते हैं। 

द्रवों का आकार निश्चित नहीं होता परंतु इन्हें जी पात्र अर्थात् बर्तन में डाला जाता है उसी की आकृति ग्रहण कर लेते हैं।

ठोसों का आकार निश्चित नहीं होता।

दृढ़ता

ठोस मजबूत (दृढ़) होते हैं। 

द्रव दृढ़ नहीं होते यह बह सकते हैं.

गैसे दृढ़ नहीं होती।

आयतन

ठोसों का आयतन निश्चित होता है।

द्रवों का भी आयतन निश्चित होता है।

गैसों का कोई निश्चित आयतन नहीं होता वह तो जितना स्थान मिलता है सारा ही घेर लेती हैं.

संपीडन - शीलता

ठोस असंपीडनीय होते हैं।

द्रव बहुत कम (दबाया) संपीड़ित किए जाते हैं।

गैसे बहुत अधिक संपीडन शील होती हैं।

कणों के बीच अंतराण्विक बल 

ठोसों के कणों के बीच बहुत अधिक अंतराण्विक बल पाया जाता है।

द्रवों के कणों के मध्य ठोसों की उपेक्षा कम अंतरा आणविक बल पाया जाता है परंतु यह बल इनका आयतन स्थिर बनाने के लिए पूर्ण होता है।


गैसों के कणों के बीच अंतर आणविक बल बहुत कम होता है अर्थात जीरो ही होता है. प्रत्येक कण स्वतंत्रता पूर्वक गति कर सकता है और अधिक से अधिक आयतन घेर सकता है।

कणों में गति

ठोसों के कणों की गति कंपन गति होती है और बहुत कम होती है.

द्रवो के कणों की गति कम होती है परंतु ठोसों से अधिक उनके कण एक दूसरे से अलग नहीं होते.

गैसों के कण तीव्र वेग से अनियमित गति करते हैं यानी कि उनकी गति सामान नहीं रहती है बदलती रहती है।


People also ask -


1. ठोस, द्रव और गैस में क्या अंतर है?

Ans - ठोस - जिसका एक निश्चित आकार और आयतन होता है। तरल पदार्थ - इसका आयतन निश्चित होता है लेकिन यह पात्र (कोई भी बर्तन) का आकार ले लेता है। गैस - इसका कोई निश्चित आकार या आयतन नहीं होता है। अवस्था परिवर्तन जब पदार्थ तीन अवस्थाओं उदाहरण - ठोस, द्रव या गैस में से किसी एक अवस्था से दूसरी अवस्था में परिवर्तित होता है।


2. ठोस किसे कहते हैं?

Ans - ठोस पदार्थ की वह मूलभूत अवस्था है जिसका एक निश्चित आकार, आयतन और सीमाएं होती हैं। ठोस में परमाणु या अणु आपस में बहुत मजबूती से जुड़े होते हैं अर्थात प्रबल अंतराणुक बल से जुड़े होते हैं। जिसके कारण यह कठोर होते हैं और बहते नहीं है। ठोस लगभग असंपीडय होते हैं। अर्थात इन्हें आसानी से दबाया नहीं जा सकता। जैसे कि कुछ ठोस के उदाहरण - पत्थर, लकड़ी, बर्फ और धातुओं इसके प्रमुख उदाहरण है।


3. द्रव किसे कहते हैं? 

Ans - वे पदार्थ जिनका आकार निश्चित नहीं होता आयतन निश्चित होता है और वह बह सकते हैं। द्रव पदार्थ कहलाते हैं। द्रव पदार्थों के काणों में गतिज ऊर्जा ठोसे की अपेक्षा ज्यादा होती है।


4. गैस किसे कहते हैं? 

Ans - वे पदार्थ जिनका आकार व आयतन दोनों अनिश्चित होते हैं। व उनको आसानी से संपीड़ित किया जा सकता है। गैसीय अवस्था कहलाती है।


👉 Difference between written and unwritten constitution


Follow us -


Gyanmukh.com में दिए गए Twitter , LinkedIn , Facebook Page , Telegram ,Whatsapp Channal किन्हीं पर भी आप Follow कर सकते हैं।
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.